चार मिसरे-
मैं तुम्हारे ख़्वाबों का इक जहां बनाऊंगा।
प्यार के मुरीदों का कारवां बनाऊंगा।
मुझको तेरी साँसों की फूल सी छुवन की कसम-
लौट के अगर आया- आसमां बनाऊंगा.