सोमवार, 6 अक्तूबर 2008

ये मौली है............. मेरी बेटी.... उम्र है चार साल और के.जी. में पढ़ती है । इसे रेडियो सुनना और वहाँ भी पुराने गाने सुनना बहुत अच्छा लगता है। रफी बाबा की बड़ी प्रशंसक है ......... वो कहती है कि बड़ी हो कर वो गाना गायेगी जैसे रेडियो में अंकल-आंटी गाते हैं ।
दुआ कीजिये कि उसकी आंखों में पल रहे नन्हे सपनों को वो सामने प्रत्यक्ष भी घटित होते हुए देखे ...........

2 टिप्‍पणियां:

  1. आनंद जी आज जी मेल ओपन किया बहुत अच्छा लगा मोली के बारे में पढ़ कर, मेरी दुआएं है वो एक बहुत बड़ी गीतकार बने अपने माता-पिता का नाम रोशन करे...

    सुनीता शानू

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